मुंबई: दक्षिण मुंबई के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के उद्देश्य से वर्ष 2023 में बनाया गया पैदल मार्ग आज भी उपयोग में नहीं आ सका है। उद्घाटन के दो साल बाद भी यह मार्ग बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंदिर, जो भूलाभाई देसाई रोड के पीछे स्थित है, वहां तक पहुंचने के लिए एक संकरी गली ही मुख्य प्रवेश और निकास का रास्ता बनी हुई है। रोजाना बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के कारण इस गली में भारी भीड़ लगती है, जिससे ट्रैफिक और आवाजाही की समस्या लगातार बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नए पैदल मार्ग के बनने से उम्मीद थी कि भीड़ बंटेगी और गली में राहत मिलेगी, लेकिन प्रशासन ने अब तक श्रद्धालुओं को उस मार्ग पर स्थानांतरित नहीं किया। परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया यह ढांचा निष्क्रिय पड़ा है।
निवासियों के अनुसार, भीड़ के कारण गली में घरों के बाहर जूतों-चप्पलों के ढेर लग जाते हैं और आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड या एम्बुलेंस का प्रवेश लगभग असंभव हो जाता है। कई बार बीमार व्यक्तियों को गली से बाहर तक लाकर एम्बुलेंस तक पहुंचाना पड़ा है, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
लोगों ने सवाल उठाया है कि जब श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए यह मार्ग बनाया गया था, तो इसे चालू करने में देरी क्यों हो रही है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के कारण न केवल सरकारी धन व्यर्थ जा रहा है, बल्कि स्थानीय नागरिकों की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं।
क्षेत्र के रहवासियों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि नए पैदल मार्ग को जल्द से जल्द चालू कर भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाया जाए, ताकि मंदिर परिसर में व्यवस्था सुधरे और आसपास रहने वाले लोगों को राहत मिल सके।
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