मुंबई। मुलुंड इलाके में निर्माण कार्य के दौरान पैरापेट गिरने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और तीन अन्य घायल हो गए। घटना के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित कंपनियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
हादसे में रामधन यादव की मृत्यु हो गई, जबकि राजकुमार इंद्रजीत यादव (45) की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। महेंद्र प्रताप यादव (52) और दीपा रुहिया (40) को उपचार के बाद स्थिर बताया गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कार्यपालक अभियंता सत्यजीत साल्वे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही, एहतियात के तौर पर संबंधित स्थल पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए परियोजना से जुड़े ठेकेदार पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि सामान्य सलाहकारों पर 1 करोड़ रुपये का दंड निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
पुलिस जांच के तहत अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें मिलान रोड बिल्डटेक नामक उप-ठेकेदार कंपनी के चार अधिकारी शामिल हैं—सुपरवाइजर प्रशांत भोइर, प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सापकल, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर सौरभ सिंह और प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरीश चौहान। इसके अलावा, हिल इंटरनेशनल इंक के प्रोजेक्ट मैनेजर अवधूत इनामदार को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर शहर में चल रहे बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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