मुंबई:
मानखुर्द के लल्लूभाई कंपाउंड इलाके में उस वक्त भारी पुलिस बंदोबस्त और आपातकालीन वाहनों की तैनाती देखी गई, जब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM) के समर्थकों ने पार्टी की अप्रत्याशित जीत का जश्न मनाना शुरू किया। समर्थकों की भारी भीड़ और उत्साह को देखते हुए पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए लगातार अपील की कि शांति बनाए रखी जाए और किसी तरह की अव्यवस्था न फैलाई जाए।
हालांकि शुरुआती तौर पर माहौल तनावपूर्ण नजर आया, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह उत्साह 2026 के बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में AIMIM की बड़ी सफलता का परिणाम था।
गोवंडी–मानखुर्द में AIMIM का क्लीन स्वीप
AIMIM ने गोवंडी-मानखुर्द इलाके में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार सात वार्डों में जीत दर्ज की। पार्टी ने वार्ड क्रमांक 134, 136, 137, 138, 139, 140 और 143 में जीत हासिल कर राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया।
इस क्षेत्र में केवल वार्ड 135 से भाजपा को जीत मिली, जहां पहली बार चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार और पूर्व पत्रकार नवनाथ बाण विजयी रहे। बाण ने कहा कि AIMIM के दबदबे के बीच जीत उनके लिए चुनौती के साथ-साथ खुद को साबित करने का अवसर भी है। उन्होंने माना कि मुकाबले में उन्होंने समाजवादी पार्टी को मुख्य प्रतिद्वंद्वी माना था।
ओवैसी की सभाओं ने बदला राजनीतिक समीकरण
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस जीत के पीछे AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की जनवरी के पहले सप्ताह में हुई दो बड़ी सभाओं की अहम भूमिका रही। इन सभाओं में बड़ी संख्या में स्थानीय मुस्लिम मतदाता शामिल हुए, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत समर्थन मिला।
लल्लूभाई कंपाउंड के बूथ कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन्हीं सभाओं ने चुनाव का रुख AIMIM के पक्ष में मोड़ दिया।
SP का पारंपरिक गढ़ हुआ कमजोर
गोवंडी-मानखुर्द क्षेत्र मुस्लिम बहुल इलाका माना जाता है, जहां समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी चार बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि 2024 के विधानसभा चुनाव में उनकी जीत काफी मुश्किल से हुई थी और AIMIM दूसरे स्थान पर रही थी। AIMIM उम्मीदवार अतीक़ खान ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान मिले समर्थन का असर अब नगर निगम चुनावों में भी दिखा।
2017 से दोगुना हुआ AIMIM का जनाधार
2017 के BMC चुनावों में जहां AIMIM ने पहली बार केवल दो सीटें जीती थीं, वहीं इस बार पार्टी ने कम से कम सात सीटें जीतकर अपनी ताकत दोगुनी कर ली है। इस प्रदर्शन के साथ AIMIM अब BMC में ग्रुप लीडर नियुक्त करने की पात्र बन गई है। साथ ही पार्टी को BMC मुख्यालय में कार्यालय मिलेगा और उसके एक नगरसेवक को स्थायी समिति या सुधार समिति जैसी अहम समितियों में जगह मिलने की संभावना है।
वार्ड-वार जीत का हाल
वार्ड 134 (एम ईस्ट – मानखुर्द गांव):
AIMIM की मेहजबीं आतिफ अहमद ने 8,414 वोट हासिल कर कांग्रेस उम्मीदवार बेंज़ीर दिवटे को 2,216 वोटों से हराया।
वार्ड 136:
जमीर कुरैशी ने 14,931 वोट पाकर समाजवादी पार्टी की रुक्साना सिद्दीकी को करीब 10 हजार वोटों के बड़े अंतर से मात दी।
वार्ड 137:
पटेल शमीर ने शिवसेना (शिंदे गुट) की आयशा रफीक को 4,370 वोटों से हराया।
वार्ड 138:
रोशन इरफान शेख ने 1,973 वोटों की बढ़त के साथ जीत दर्ज की।
वार्ड 139:
शबाना अतीफ शेख ने 6,328 वोटों के अंतर से शानदार जीत हासिल की।
वार्ड 140:
विजय उबाले ने 1,237 वोटों से मुकाबला अपने नाम किया।
वार्ड 145:
खैरुनिसा अकबर हुसैन ने 7,653 वोट पाकर निर्दलीय उम्मीदवार दीपक फलोद को 2,095 वोटों से हराया।
मुंबई की राजनीति में नया मोड़
मानखुर्द-गोवंडी में AIMIM की यह जीत न केवल पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, बल्कि मुंबई की नगर राजनीति में भी इसे एक नए शक्ति संतुलन के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में BMC में AIMIM की भूमिका और अधिक प्रभावशाली होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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