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रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा: हथियार सप्लायर निकला बिश्नोई गैंग का मैकेनिक, पांचों आरोपी पुलिस हिरासत में।


मुंबई। बॉलीवुड निर्देशक-निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर हुई फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान अहम जानकारी हाथ लगी है। जांच में सामने आया है कि हथियार सप्लाई करने वाला आरोपी आसाराम फासले उर्फ बाबू पिछले चार वर्षों से बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा था और पेशे से वह एक गैरेज मैकेनिक है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, आसाराम फासले गैंग में शुबहम लोणकर के संपर्क में आने के बाद शामिल हुआ। पुलिस का दावा है कि शुबहम लोणकर ही इस मामले का मास्टरमाइंड है और उसका नाम बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से भी जोड़ा जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि लोणकर के निर्देश पर फासले ने हथियार स्वप्निल सकट को सौंपे थे, जिनका इस्तेमाल बाद में अज्ञात शूटर ने रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग में किया।
इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चार आरोपियों को 1 फरवरी को घटना के तुरंत बाद हिरासत में लिया गया था, जबकि पांचवें आरोपी आसाराम फासले को 5 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को गुरुवार को मुंबई के एस्प्लेनेड कोर्ट (किल्ला कोर्ट) में पेश किया गया, जहां अदालत ने अपराध की गंभीरता और आपराधिक साजिश को ध्यान में रखते हुए उन्हें 11 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि घटना की जिम्मेदारी लेने वाला एक पोस्ट सोशल मीडिया पर सामने आया है। साथ ही, आरोपियों द्वारा आपसी बातचीत के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी दी गई, ताकि उनकी गतिविधियां गोपनीय रह सकें। पुलिस का कहना है कि वे शुबहम लोणकर से जुड़े डिलीट किए गए चैट्स को भी रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में अलग-अलग दलीलें पेश कीं। एक आरोपी के वकील ने दावा किया कि उसका मुवक्किल घटना स्थल पर मौजूद नहीं था और उसे केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की ओर से कहा गया कि उनकी भूमिका केवल वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित थी और इससे आगे कोई ठोस सबूत नहीं है।
इसी बीच, मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार की सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और साजिश की गहराई तक पहुंचने के लिए आरोपियों से संयुक्त पूछताछ जरूरी है।
फिलहाल, पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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