नवी मुंबई के लिए 25 दिसंबर 2025 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब बहुप्रतीक्षित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) से पहली कमर्शियल फ्लाइट ने उड़ान भरी। इस खास मौके पर बेंगलुरु से आई पहली उड़ान के साथ ही नवी मुंबई ने देश के एविएशन मैप पर एक नई पहचान बना ली।
एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही यात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई यात्रियों के लिए यह सफर सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने का अवसर था। बेंगलुरु निवासी राम प्रसाद अपने पूरे परिवार के साथ केवल इस नए एयरपोर्ट को देखने और उसका अनुभव लेने के लिए यात्रा पर निकले। उन्होंने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले ही टिकट बुक कर लिया था, क्योंकि वे इस ऐतिहासिक दिन का हिस्सा बनना चाहते थे।
राम प्रसाद ने कहा, “हम सिर्फ नवी मुंबई एयरपोर्ट को देखने आए थे। यह अनुभव हमारे लिए बेहद खास है। एयरपोर्ट की भव्यता और सुविधाएं देखकर हम बहुत प्रभावित हुए। यह यात्रा जीवन भर याद रहेगी।”
एक अन्य यात्री सुनील बजाज ने भी एयरपोर्ट की तारीफ करते हुए कहा कि इसका डिजाइन भविष्य की झलक देता है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट का विशाल ड्राइववे, सुव्यवस्थित टर्मिनल और आधुनिक सुविधाएं यात्रियों के लिए बेहद आरामदायक अनुभव प्रदान करती हैं।
इस मौके पर अदाणी समूह के निदेशक जीत अदाणी ने निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों के सम्मान में आयोजित एक विशेष ड्रोन शो का वीडियो भी साझा किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हजारों कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों के साथ विकसित किया गया है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी, वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक रोशनी और हवा के अधिकतम उपयोग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसकी छत कमल के फूल से प्रेरित डिजाइन पर आधारित है, जो इसे एक विशिष्ट पहचान देती है।
करीब 19,650 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को देश के सबसे आधुनिक हवाई अड्डों में गिना जा रहा है। पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद यह एयरपोर्ट हर साल लगभग 9 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा, जबकि शुरुआती चरण में इसकी क्षमता 2 करोड़ यात्रियों और करीब 5 लाख मीट्रिक टन कार्गो संचालन की होगी।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए विकास, कनेक्टिविटी और आधुनिकता का नया प्रतीक बनकर उभरा है।
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