मुंबई।
अंडरवर्ल्ड की दुनिया में खौफ और रुतबे के लिए पहचाने जाने वाले हाजी मस्तान की ज़िंदगी सिर्फ अपराधों तक सीमित नहीं थी। उनके जीवन का एक ऐसा पहलू भी था, जो दर्द, तन्हाई और अधूरी मोहब्बत से भरा हुआ था। सफेद सूट, चमचमाती मर्सिडीज और बॉलीवुड सितारों की महफिलों में उठना-बैठना करने वाले इस डॉन की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी।
1960 के दशक में जब हिंदी सिनेमा पर मधुबाला का जादू सिर चढ़कर बोल रहा था, तब हाजी मस्तान भी उनकी खूबसूरती और मासूमियत पर फिदा हो चुके थे। कहा जाता है कि वे अक्सर उनकी फिल्में देखते और उनसे मिलने की ख्वाहिश रखते थे, लेकिन यह मोहब्बत कभी जुबां तक नहीं आ सकी।
मधुबाला उस समय किशोर कुमार की पत्नी थीं और गंभीर बीमारी से भी जूझ रही थीं। 1969 में महज 36 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। इस खबर ने हाजी मस्तान को अंदर तक तोड़ दिया। उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी चाहत अधूरी ही रह गई।
हमशक्ल से निकाह
मधुबाला के जाने के बाद हाजी मस्तान की जिंदगी में एक नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने अभिनेत्री सोना (असल नाम शाहजहां बेगम) को देखा। चेहरे और अंदाज़ में वह काफी हद तक मधुबाला जैसी लगती थीं।
सोना ने 70–80 के दशक में कई फिल्में की थीं। हाजी मस्तान उनसे प्रभावित हुए और शादी का प्रस्ताव भिजवाया। 1984 में दोनों का निकाह हुआ। उस वक्त हाजी मस्तान पहले से शादीशुदा थे, लेकिन इसके बावजूद यह रिश्ता कायम हुआ। दोनों की एक बेटी हुई — हसीन मस्तान मिर्जा।
डॉन से समाजसेवी बनने तक का सफर
तमिलनाडु में जन्मे हाजी मस्तान ने बेहद गरीबी में बचपन बिताया था। मुंबई आकर उन्होंने कुली के तौर पर काम शुरू किया और धीरे-धीरे स्मगलिंग की दुनिया में बड़ा नाम बना लिया। कहा जाता है कि उन्होंने कभी खुद गोली नहीं चलाई और गरीबों की मदद के लिए पहचाने जाते थे।
इमरजेंसी के दौरान जेल जाने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने अपराध की दुनिया छोड़ दी, हज किया और राजनीति व समाजसेवा की ओर रुख किया।
आखिरी दौर और अकेलापन
1994 में दिल का दौरा पड़ने से हाजी मस्तान का निधन हो गया। उनके जाने के बाद सोना की जिंदगी मुश्किलों से भर गई। पारिवारिक विवादों के चलते उन्हें संपत्ति से भी वंचित रहना पड़ा। आर्थिक तंगी में गुजरते हुए अगस्त 2014 में सोना की भी मृत्यु हो गई।
सिनेमा में अमर हुई कहानी
हाजी मस्तान की जिंदगी पर बनी फिल्म Once Upon a Time in Mumbaai में अजय देवगन ने उनका किरदार निभाया, जबकि कंगना रनौत के किरदार में मधुबाला और सोना की झलक दिखाई गई।
हाजी मस्तान की कहानी सिर्फ एक डॉन की नहीं, बल्कि उस इंसान की है जिसने दौलत और ताकत सब कुछ पा लिया, लेकिन सच्ची मोहब्बत जिंदगी भर अधूरी ही रह गई।
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