Ticker

6/recent/ticker-posts

Top ad

Responsive Advertisement

मुंबई RCF पुलिस स्टेशन की बड़ी कामयाबी: पोक्सो मामले के आरोपी को मिली 5 साल की कड़ी सजा।



मुंबई: कानून की पकड़ से बचना नामुमकिन है, यह एक बार फिर साबित हुआ है। मुंबई के आरसीएफ पुलिस स्टेशन (परिमंडल-6) के अंतर्गत आने वाले एक गंभीर मामले में माननीय सत्र न्यायालय ने आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

पूरी खबर और अधिकारियों की भूमिका:।
साल 2019 में दर्ज मामले (गु.र.क्र. 81/2019) में धारा 354, 354(अ), 452 और पोक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत पुलिस ने आरोपी फुलदेव रामप्रीत पासवान के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए। इसी के आधार पर अदालत ने उसे 5 साल के सश्रम कारावास और 8,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

इस केस को मुकाम तक पहुँचाने में मुंबई पुलिस के निम्नलिखित अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही:

मार्गदर्शन: डॉ. महेश पाटिल (अपर पुलिस आयुक्त, पूर्व प्रादेशिक विभाग) और समीर शेख (पुलिस उप आयुक्त, परिमंडल-06)।
नेतृत्व:कलीम शेख (सहायक पुलिस आयुक्त, ट्रॉम्बे विभाग) और दत्तात्रय पाटिल (वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक)।
जांच टीम: पुलिस निरीक्षक (अपराध) गजानन देशमुख और तत्कालीन जांच अधिकारी सपोनि प्रताप देसाई (वर्तमान में गावदेवी पुलिस स्टेशन)।
कोर्ट पैरवी और सहयोग: पैरवी अधिकारी पोउनि दीपाली पावसे, पोशि. मांढरे और मपोशि नायकवडी।

आरोपी फुलदेव रामप्रीत पासवान को 5 साल की जेल और जुर्माना।
जुर्माना न भरने पर: अतिरिक्त 3 महीने के कारावास का प्रावधान।
सटीक जांच: पुलिस द्वारा प्रस्तुत "सबल सबूतों" के कारण ही सजा संभव हो पाई।
टीम वर्क: आरसीएफ पुलिस स्टेशन और वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय ने पीड़िता को न्याय दिलाया।




एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ