मुंबई,
मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) ने कड़ा रुख अपनाते हुए चार रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट बंद कर दिए हैं। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाली 37 इकाइयों से कुल 1.87 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
एमपीसीबी के सदस्य सचिव एम. देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर नजर रखने के लिए विशेष उड़न दस्तों (फ्लाइंग स्क्वॉड) का गठन किया गया है। ये टीमें मौके पर जाकर जांच करेंगी और यदि नियमों का पालन नहीं पाया गया तो संबंधित इकाइयों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी, जिसमें प्लांट बंद करना भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि मुंबई शहर के लिए चार और नवी मुंबई क्षेत्र के लिए दो विशेष निरीक्षण दल बनाए गए हैं। यह कदम एमपीसीबी अध्यक्ष सिद्धेश कदम की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद उठाया गया है, जिसमें पर्यावरणीय नियमों के सख्त क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
हाल ही में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने भी वायु प्रदूषण नियमों के उल्लंघन को लेकर बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में चल रहे बुलेट ट्रेन परियोजना के कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया था।
एमपीसीबी के अनुसार, अब तक की जांच में 37 आरएमसी प्लांट दोषी पाए गए हैं, जिनसे कुल 1.87 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है, जबकि चार इकाइयों को पूरी तरह बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
एमपीसीबी अध्यक्ष सिद्धेश कदम ने कहा कि वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नगर निगम के साथ मिलकर सख्त अभियान चलाया जा रहा है और नियमों के उल्लंघन पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र में कुल 32 निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र कार्यरत हैं, जिनमें से 14 मुंबई शहर में स्थित हैं। इसके अलावा, 22 मोबाइल मॉनिटरिंग वैन भी तैनात की गई हैं, जो प्रदूषण स्तर बढ़ने पर तुरंत जांच करती हैं।
इस बीच, बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सख्त टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश शशांक शेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंकलकर की पीठ ने कहा कि नगर निगम ने इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंद रखी हैं। अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो नए निर्माण कार्यों की अनुमति पर रोक लगाई जा सकती है।
यह सख्त कदम मुंबई की बिगड़ती हवा को सुधारने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
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