आर्थिक तंगी के कारण कई बच्चों की पढ़ाई बीच में रुक जाती है, लेकिन कभी-कभी संवेदना और मानवीयता ऐसी मिसाल पेश कर जाती है, जो दिल को छू लेती है। ऐसा ही भावुक कर देने वाला मामला सामने आया, जब फीस न भर पाने के कारण एक छात्रा ने स्कूल जाना बंद कर दिया। घर की हालात इतने कमजोर थे कि परिवार स्कूल की बाकी फीस चुकाने में असमर्थ था।
जब कई दिनों तक छात्रा स्कूल नहीं पहुँची, तो प्रिंसिपल को इस बात की चिंता हुई। वे खुद छात्रा का घर ढूंढते हुए उसके दरवाजे तक पहुँच गए। परिवार को देखकर वे स्थिति समझ गए, लेकिन जो उन्होंने आगे कहा, उसने छात्रा और उसके परिजनों की आँखों में आँसू ला दिए।
प्रिंसिपल ने परिवार को आश्वासन देते हुए कहा, “आपकी बेटी पढ़ेगी, चाहे फीस हो या न हो। उसकी पढ़ाई बिल्कुल भी नहीं रुकेगी। स्कूल उसका साथ देगा।”
यह सुनते ही छात्रा भावुक हो गई और फफक कर रो पड़ी। परिवार ने भी प्रिंसिपल के इस कदम की सराहना करते हुए भावुक होकर धन्यवाद दिया।
पड़ोसियों और अन्य लोगों को जब इस घटना का पता चला, तो सभी ने प्रिंसिपल की सराहना की। उनका यह कदम समाज में शिक्षा और संवेदना की असली मिसाल बन गया है।
ऐसे समय में जब कई जगह शिक्षा सिर्फ ‘शुल्क’ तक सिमट गई है, वहीं प्रिंसिपल द्वारा उठाया गया यह कदम साबित करता है कि अब भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जो शिक्षा को हक समझते हैं, बोझ नहीं।
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