जालौन (उ.प्र.) — कुठौंद थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत मामले में बड़ा मोड़ आया है। पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद महिला कॉन्स्टेबल मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इंस्पेक्टर की मौत के पीछे ब्लैकमेलिंग और निजी विवाद अहम कारण हो सकते हैं।
सरकारी आवास में मिला था खून से लथपथ शव
5 दिसंबर की रात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय का शव उनके सरकारी आवास के कमरे में मिला था।
- शव मच्छरदानी के भीतर खून से सना हुआ था।
- सर्विस रिवॉल्वर उनकी छाती पर पड़ी मिली।
- गोली सिर के आर-पार निकल गई थी।
पहली नजर में मामला आत्महत्या जैसा लगा, लेकिन घटनास्थल के हालात और मौजूद व्यक्तियों ने संदेह खड़े कर दिए।
घटना के समय मौजूद थी कॉन्स्टेबल मीनाक्षी
जांच में पता चला कि घटना के समय मौके पर कॉन्स्टेबल मीनाक्षी शर्मा मौजूद थीं।
- सबसे पहले उन्हीं ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
- CCTV फुटेज में उन्हें रात 9:15 बजे इंस्पेक्टर के आवास में प्रवेश करते और 9:18 बजे चीखते हुए बाहर भागते देखा गया।
इसी कारण पुलिस ने शुरुआत से ही उनके व्यवहार और भूमिका पर सवाल उठाए।
पत्नी की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज
इंस्पेक्टर अरुण की पत्नी माया राय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला आत्महत्या की बजाय संदिग्ध मौत/हत्या की दिशा में जांचा जाने लगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार,
- मीनाक्षी और अरुण राय के बीच काफी नज़दीकियां थीं।
- 2024 से दोनों संपर्क में थे और जुलाई 2024 में कोंच थाने में तैनाती के दौरान दोनों करीब आए थे।
- ट्रांसफर के बाद भी मीनाक्षी उनसे मिलने जाया करती थीं।
ब्लैकमेलिंग का एंगल आया सामने
पुलिस की जांच में सबसे बड़ा खुलासा हुआ कि
- मीनाक्षी शर्मा कथित रूप से इंस्पेक्टर को ब्लैकमेल कर रही थीं।
- उनके पास इंस्पेक्टर के कुछ आपत्तिजनक वीडियो थे।
- उनसे 25 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि घटना से कुछ घंटे पहले दोनों के बीच फोन पर तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद मीनाक्षी सीधे थाने पहुंच गईं। इसी तनाव में इंस्पेक्टर ने कथित रूप से खुद को गोली मार ली।
गिरफ्तारी के दौरान सवालों पर चुप्पी
रविवार को जब मीनाक्षी को हिरासत में लेकर जेल भेजा जा रहा था, तब
- मेडिकल परीक्षण के दौरान
- और उससे पूछताछ के समय
वह कई सवालों के सटीक जवाब नहीं दे पाई।
पुलिस ने उसके पास से आईफोन सहित तीन मोबाइल बरामद किए हैं। सभी का डेटा खंगाला जा रहा है।
मीनाक्षी की पृष्ठभूमि
- मूल रूप से मेरठ की रहने वाली मीनाक्षी 2019 में सिपाही के रूप में भर्ती हुई थीं।
- पहली पोस्टिंग पीलीभीत में हुई।
- वहां एक सिपाही पर उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद उनका ट्रांसफर जालौन कर दिया गया।
- जानकारी के अनुसार मीनाक्षी की फरवरी 2026 में शादी तय थी और हाल ही में उन्होंने 3 लाख रुपये का हार भी खरीदा था।
- उनका रहन-सहन सामान्य पुलिसकर्मियों से कहीं अधिक अलग और महंगा बताया जा रहा है।
जांच जारी, कई सवाल अभी भी अनुत्तरित
पुलिस अब
- बरामद मोबाइलों की फोरेंसिक जांच
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड
- CCTV फुटेज
- और घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच
के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
इंस्पेक्टर अरुण की मौत आत्महत्या थी या किसी दबाव में उठाया गया कदम — इसका अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
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