प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर गरीबों के हक़ का घर हड़पने वाले बिल्डर स्वराज सिंह यादव का घोटाला इतना बड़ा निकला कि अदालत को भी रात में जागना पड़ा। अवैध बिक्री और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार किए गए यादव को कानूनी प्रक्रिया के तहत 24 घंटे में कोर्ट में पेश करना था, इसलिए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन ने तड़के 3 बजे अपने घर पर ही अदालत लगाकर सुनवाई शुरू की। लगभग साढ़े तीन घंटे चली सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को 28 नवंबर तक ED की हिरासत में भेज दिया।
₹222 करोड़ का PMAY स्कैम, गरीबों का हक़ कैश में बेचा
ED की जांच में सामने आया है कि ओशन सेवन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर स्वराज सिंह यादव ने PMAY के तहत बने घरों को अवैध रूप से नकद में बेचकर करीब ₹222 करोड़ की कमाई की। यह फ्लैट मूल आवंटियों के लिए ₹26.5 लाख में बनाए गए थे, लेकिन आरोपी ने उन्हें धोखा देकर ₹40–50 लाख में दोबारा बेच दिया। कई मूल आवंटियों को तो उनके जमा पैसे भी वापस नहीं किए गए।
देश-विदेश में बनाई करोड़ों की संपत्तियां
ED के मुताबिक इन अवैध पैसों को एक इन-हाउस निर्माण एजेंसी के माध्यम से लेयरिंग कर देश और विदेश में संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया।
जांच के दायरे में आई आरोपी की संपत्तियों में शामिल हैं—
- महाराष्ट्र के वारे गांव में 500 एकड़ जमीन
- पुणे-अलीबाग रोड पर 100 एकड़ प्रॉपर्टी
- हिमाचल प्रदेश की तीर्थन घाटी में ‘साईं रूपा रिसॉर्ट्स’
- अमेरिका और ब्रिटेन में कई संपत्तियां
2006 से चल रहा था देशव्यापी धोखाधड़ी का जाल
जांच एजेंसी के अनुसार स्वराज यादव 2006 से मुंबई, जयपुर, कोटपूतली और गुरुग्राम में हजारों लोगों को ठग रहा था। फ्लैट्स की अवैध बिक्री से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों और कंपनियों के ज़रिए घुमाते हुए बाहर भेजा जाता था।
फरार होने की आशंका, पत्नी पहले ही अमेरिका में
ED ने कोर्ट को बताया कि हाल के महीनों में आरोपी ने अपनी और कंपनी की संपत्तियां तेजी से बेचनी शुरू कर दी थीं। एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई से बचने और अपराध की आय को छिपाने की कोशिश थी।
इसके अलावा, यादव की पत्नी सुनीता स्वराज अगस्त 2025 में अमेरिका चली गई थीं। ED के अनुसार आरोपी ने उनके बैंक खातों के माध्यम से मोटी रकम अमेरिका भेजी थी, जहां उनके बच्चे कनेक्टिकट के ट्रिनिटी कॉलेज में पढ़ रहे हैं। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि आरोपी देश से भागने की तैयारी में था।
आधी रात की कार्रवाई से पूरा तंत्र हिला
गुरुवार रात की गिरफ्तारी और शुक्रवार तड़के 3 बजे हुई सुनवाई ने इस घोटाले की गंभीरता को उजागर कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि मामले की प्रकृति और आरोपी के संभावित फरार होने के खतरे को देखते हुए ED को जांच जारी रखने के लिए हिरासत जरूरी है।
यह घोटाला एक बार फिर सवाल उठाता है कि गरीबों के लिए बनी योजनाओं में किस तरह संगठित तरीके से लूट चल रही है और नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों कमाए जा रहे हैं।
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