मानव तस्करी के गोरखधंधे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गोवंडी के शिवाजी नगर पुलिस थाने ने एक नवजात शिशु को बेचने की साजिश का खुलासा करते हुए एक डॉक्टर और नर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामला तब सामने आया जब उन्हें सूचना मिली कि 21 वर्षीय अविवाहित महिला अपने समय से पहले पैदा हुए नवजात बेटे को ₹5 लाख में बेचने की तैयारी कर रही है।
पुलिस जांच में पता चला कि महिला ने हाल ही में एक स्थानीय नर्सिंग होम में बच्चे को जन्म दिया था। यह नर्सिंग होम डॉक्टर कायमुद्दीन मुकीमोद्दीन खान के नाम से चलता है। पुलिस ने डॉक्टर खान और स्टाफ नर्स अनीता पोपट सावंत को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, महिला का एक युवक से संबंध था और गर्भवती होने के बाद वह सामाजिक बदनामी और आर्थिक परेशानी से घबरा गई। इसी कारण उसने कथित तौर पर नवजात को पैसे के बदले सौंपने के लिए हामी भरी। पुलिस महिला की भूमिका की जांच कर रही है, साथ ही उसके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर भी निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस जब नर्सिंग होम पहुंची, तो वहां कई संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं। जांच में सामने आया कि डॉक्टर खान, जो BUMS प्रैक्टिशनर हैं, बिना वैध लाइसेंस के डिलीवरी और अन्य चिकित्सा प्रक्रियाएं कर रहे थे। अधिकारियों को संदेह है कि इसी नर्सिंग होम में पहले भी कई अवैध गर्भपात किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में डॉक्टर और नर्स के अलावा कई अन्य बिचौलियों और संभावित खरीददारों के नाम भी सामने आ रहे हैं। आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह है जो चिकित्सा सुविधा की आड़ में नवजात शिशुओं की अवैध खरीद-फरोख्त करता है।
अधिकारियों ने नर्सिंग होम के रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और पुराने मामलों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता बच्चे की सुरक्षा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है।
मामले की आगे की जांच जारी है।
0 टिप्पणियाँ