मुंबई के बायकुला स्थित वीरमाता जीजाबाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और ज़ू ने रॉयल बंगाल टाइगर शक्ति की मौत को लेकर फैली गलत खबरों पर सफाई दी है। चिड़ियाघर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नौ साल छह महीने के शेर शक्ति की मौत न्यूमोनिया के कारण हुई respiratory failure से हुई है, न कि किसी हड्डी के श्वासनली में फँसने से, जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था।
15 नवंबर से था बीमार
2020 में एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत बायकुला ज़ू में लाई गई जोड़ी—शक्ति और टाइगरिन करिश्मा—में शक्ति ने 15 नवंबर से खाना छोड़ दिया था। 16 नवंबर को उसने थोड़ा-बहुत चिकन खाया, लेकिन बाद में उसे उल्टी जैसा महसूस हुआ और तबीयत और बिगड़ गई।
स्वास्थ्य जांच के दौरान आया दौरा
17 नवंबर को जब उसे स्वास्थ्य जांच के लिए शिफ्ट किया जा रहा था, तभी अचानक उसे तेज़ झटके (convulsions) आए और दोपहर 12:15 बजे उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम में सामने आया न्यूमोनिया का कारण
मुंबई वेटरिनरी कॉलेज के विशेषज्ञों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में प्रारंभिक कारण pyogranulomatous pneumonia बताया गया है। साथ ही, गोरवाड़ा स्थित वाइल्डलाइफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर की विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार है।
हड्डी फँसने की खबरें पूरी तरह गलत
ज़ू प्रशासन ने कहा कि शक्ति की श्वासनली में हड्डी फँसने की खबरें "बिना सत्यापन" के प्रकाशित की गईं और ये पूरी तरह असत्य हैं।
नियमों के अनुसार की गई कार्रवाई
बाघ की मौत की जानकारी केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण और महाराष्ट्र ज़ू प्राधिकरण को भेज दी गई है। शक्ति के अंतिम संस्कार (last rites) भी निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किए गए।
यह घटना चिड़ियाघर प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े करती है, वहीं प्रशासन गलत सूचनाओं के कारण फैली अफवाहों को रोकने की अपील भी कर रहा है।
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