मुंबई के आर.एन. कूपर सरकारी अस्पताल में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने इलाज कर रहे डॉक्टरों पर हमला कर दिया। इस हमले में तीन डॉक्टर घायल हो गए।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 65 वर्षीय महिला को शुक्रवार शाम तेज सांस फूलने और कमजोरी की शिकायत के साथ इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था। ड्यूटी पर मौजूद कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (CMO) गौरव आनंदगांवकर, मेडिसिन रेज़िडेंट करण और इंटर्न डॉक्टर प्रशांत भाड़के व राहुल प्रधान ने तुरंत इलाज शुरू किया।
डॉक्टरों ने मरीज को बचाने के लिए सीपीआर सहित सभी जरूरी प्रयास किए, लेकिन उसे नहीं बचाया जा सका और रात 12:32 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मृत घोषित करने के कुछ ही देर बाद एक परिजन ने गुस्से में आकर डॉक्टरों पर हमला कर दिया। डॉ. आनंदगांवकर को चेहरे पर कई बार मारा गया, इंटर्न प्रशांत भाड़के को भी चोटें आईं, जबकि डॉ. करण को चेहरे, आंख, सीने और पेट में चोटें लगीं जब उन्होंने अपने साथियों को बचाने की कोशिश की।
अस्पताल के बयान के अनुसार, यह हमला इमरजेंसी वार्ड के अंदर "सार्वजनिक रूप से" हुआ और मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। अस्पताल ने सुरक्षा कर्मचारियों — संजय लाइटे, दीपचंद, विकास काटे और पालयन ठाकुर — पर लापरवाही और ड्यूटी में चूक का आरोप लगाया है।
अस्पताल प्रशासन ने इस घटना को "चिंताजनक और अस्वीकार्य" बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घटना के बाद जुहू पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की पहचान समीर अब्दुल जब्बार शेख के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 121(1), 132, 352 और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घायल डॉक्टरों का इलाज किया गया है और वे अब स्थिर हैं।
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