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मुंबई में मानसून के बाद भी बरसात जारी, मौसम विभाग ने बताया कारण।


मुंबई: अक्टूबर का आखिरी सप्ताह चल रहा है, लेकिन शहर अब भी अप्रत्याशित बारिश से भीग रहा है। आधिकारिक रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद भी लगातार हो रही बारिश से नागरिक उलझन में हैं। सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर आसमान साफ क्यों नहीं हो रहा। इस मौसम रहस्य पर रोशनी डालने के लिए मिड-डे ने भारतीय मौसम विभाग (IMD) की वैज्ञानिक-बी, निथा सशीधरन से बात की।

मुंबई में 10 अक्टूबर के बाद भी बारिश क्यों हो रही है?
निथा सशीधरन ने बताया कि फिलहाल मुंबई में हो रही वर्षा का कारण अरब सागर के मध्य-पूर्वी हिस्से में बना एक डिप्रेशन (दबाव का क्षेत्र) है। इस सिस्टम से उत्पन्न नमी पश्चिमी तट की ओर बढ़ रही है, जिसके कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बारिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि यह बारिश दो अलग-अलग प्रणालियों से जुड़ी है — एक मानसून के दौरान (10 अक्टूबर तक) और दूसरी पोस्ट-मानसून यानी बाद-मानसून प्रणाली से, जो रविवार तक सक्रिय रहेगी। 10 अक्टूबर को मानसून की वापसी की घोषणा के बाद शहर 16 अक्टूबर तक लगभग सूखा रहा था।

इस हफ्ते मुंबई में भारी बारिश के मुख्य कारण क्या हैं?
पिछले 2-3 दिनों से मुंबई और आसपास के इलाकों में बिजली के साथ तेज बारिश दर्ज की गई है। IMD ने शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें प्रति घंटे 60 मिमी तक वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है।
वैज्ञानिक के अनुसार, “थंडरशॉवर्स” यानी गरज के साथ तेज वर्षा के दौरान अल्प समय में अत्यधिक पानी गिरता है, जैसा कि रविवार को हुआ। यह बारिश मानसून की लगातार चलने वाली बारिश से अलग होती है।

मौसम विभाग मानसून की शुरुआत और वापसी कब घोषित करता है, यह कैसे तय होता है?
IMD मानसून की वापसी का निर्णय तीन मुख्य आधारों पर करता है —

  1. क्षेत्र में वर्षा गतिविधियों का थमना,
  2. निचले वायुमंडल में एंटीसाइक्लोन (प्रतिचक्रवात) का गठन,
  3. नमी की मात्रा में स्पष्ट कमी।

मौसम की भविष्यवाणी और चेतावनी के लिए IMD कौन-सी तकनीक का उपयोग करता है?
IMD मौसम का पूर्वानुमान तैयार करने के लिए सिनॉप्टिक ऑब्जर्वेशन, अपर-एयर डेटा, सैटेलाइट और रडार इमेजरी तथा न्यूमेरिकल वेदर मॉडल्स का उपयोग करता है।
विभाग ने अरब सागर में बने निम्न दबाव क्षेत्र की गतिविधियों पर पिछले पांच दिनों से करीबी नजर रखी है और जिलेवार चेतावनियां जारी की हैं ताकि नागरिक सतर्क रहें।

संक्षेप में:
मुंबई में अक्टूबर के अंत तक जारी बारिश किसी असामान्य मानसूनी देरी नहीं बल्कि अरब सागर में बने नए दबाव क्षेत्र का परिणाम है। मौसम विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर नई चेतावनियां जारी की जाएंगी।

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