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सोने की तस्करी पर DRI की रिपोर्ट: 2024-25 में मुंबई बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट, 785 करोड़ का सोना जब्त।


डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की ताज़ा रिपोर्ट में देश में सोने की तस्करी को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान सोने की तस्करी मुख्य रूप से महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में केंद्रित रही। ये राज्य अपनी रणनीतिक स्थिति, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अधिक संख्या और मजबूत ट्रांजिट नेटवर्क के कारण तस्करों के लिए प्रवेश और वितरण केंद्र बने रहे।

रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में DRI ने कुल 1073 किलोग्राम सोना जब्त किया, जिसकी बाजार कीमत करीब 785 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस पूरे नेटवर्क में मुंबई सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। हवाई अड्डों के जरिए होने वाली सोने की तस्करी में मुंबई ने न केवल जब्त किए गए सोने की मात्रा में, बल्कि पकड़े गए मामलों की संख्या में भी अन्य सभी शहरों को काफी पीछे छोड़ दिया।

DRI ने बताया कि सोने की तस्करी संगठित और सुनियोजित नेटवर्क के जरिए की जाती है। इस नेटवर्क में मास्टरमाइंड वित्तपोषण करते हैं, आयोजक कैरियरों की भर्ती करते हैं, कैरियर सोने को छिपाकर भारत लाते हैं और हैंडलर इसे देश के अंदर प्रमुख लोगों तक पहुंचाते हैं। कई मामलों में विदेशी सोने की छड़ों के बजाय मोम या आभूषण के रूप में लाया गया सोना अवैध इकाइयों में पिघलाकर 24 कैरेट की छड़ों में बदला जाता है, फिर उसे घरेलू बाजार में खपाया जाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सोने की तस्करी के लिए हवाई मार्ग सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं, खासकर मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया से आने वाली उड़ानें। तस्कर अलग-अलग प्रोफाइल के यात्रियों—महिलाओं, परिवारों और यहां तक कि एयरलाइन क्रू—का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ मामलों में सोने को विमान के भीतर गुप्त स्थानों में छिपाया जाता है, जिसे बाद में क्रू या यात्री निकालते हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ान में छिपाया गया सोना कभी-कभी घरेलू उड़ान के दौरान यात्रियों द्वारा बाहर निकाला जाता है।

DRI ने यह भी चेतावनी दी है कि तस्करी के तरीके अब और अधिक खतरनाक होते जा रहे हैं। कई मामलों में सोने को छोटे कैप्सूल के रूप में ढालकर मानव शरीर के भीतर छिपाया जाता है, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।

लिंग आधारित आंकड़ों की बात करें तो 2024-25 में पकड़े गए अधिकांश कैरियर पुरुष थे, लेकिन महिलाओं की भागीदारी भी सामने आई है, जो कुल पकड़े गए लोगों का लगभग दस प्रतिशत रही। इसके अलावा केन्या और ईरान के नागरिकों की संलिप्तता के कुछ मामले दर्ज किए गए, जबकि थाईलैंड, तुर्की, अफगानिस्तान, ओमान, यूएई और अमेरिका से जुड़े छिटपुट मामले भी सामने आए हैं।

DRI का कहना है कि बदलते तरीकों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को देखते हुए आने वाले समय में सोने की तस्करी पर और सख्त निगरानी तथा कार्रवाई की आवश्यकता है।

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