तत्काल टिकटों के दुरुपयोग पर लगाम लगाने और आम यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे ने OTP आधारित सत्यापन प्रणाली का दायरा बढ़ा दिया है। सेंट्रल रेलवे द्वारा संचालित पांच लंबी दूरी की ट्रेनों में यह नई व्यवस्था 19 दिसंबर 2025 से लागू की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नए चरण में जिन ट्रेनों को शामिल किया गया है, उनमें 11029 सीएसएमटी–कोल्हापुर कोयना एक्सप्रेस, 11055 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–गोंडा गोदान एक्सप्रेस, 11061 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–जयनगर एक्सप्रेस, 11025 पुणे–अमरावती एक्सप्रेस और 12157 पुणे–सोलापुर हुतात्मा एक्सप्रेस शामिल हैं।
नई व्यवस्था के तहत इन ट्रेनों के लिए तत्काल टिकट बुक करते समय यात्रियों को अपने मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) प्राप्त होगा। OTP के सफल सत्यापन के बाद ही टिकट जारी किया जाएगा। यह प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत पीआरएस काउंटर, अधिकृत रेलवे एजेंटों के साथ-साथ आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर की जाने वाली बुकिंग पर भी लागू होगी।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य दलालों द्वारा की जाने वाली अवैध बुकिंग, फर्जी आईडी से टिकट खरीदने और तत्काल कोटे के गलत इस्तेमाल को रोकना है, ताकि वास्तविक यात्रियों को समय पर टिकट मिल सके।
सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे टिकट बुकिंग के दौरान सही और सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें, ताकि OTP सत्यापन में किसी तरह की परेशानी न हो। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में यह व्यवस्था अन्य ट्रेनों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
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