महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए राज्यभर की सभी एम्बुलेंसों के लिए किराया चार्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने शिकायत की थी कि कई एम्बुलेंस संचालक आपातकालीन हालात में मरीजों के परिजनों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं।
परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब प्रत्येक एम्बुलेंस के अंदर किराया चार्ट साफ-साफ दिखाई देना चाहिए, ताकि मरीजों के परिवार को यात्रा से पहले किराए की पूरी जानकारी मिल सके। इसके साथ ही अस्पतालों के प्रवेश द्वारों के पास भी किराया चार्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।
पहले एम्बुलेंस सेवाओं के लिए कोई निश्चित दर तय नहीं थी, जिससे अक्सर किराए को लेकर मरीजों के परिजनों और एम्बुलेंस संचालकों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती थी। मनसे ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए परिवहन मंत्री और विभाग से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से आपात स्थिति के दौरान नागरिकों से होने वाले शोषण पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
इसी बीच, राज्य में महाराष्ट्र इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (MEMS) 108 परियोजना 2025 के अंत तक शुरू की जाएगी। यह योजना पांच चरणों में लागू होगी और इसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने सुमित एसएसजी बीवीजी महाराष्ट्र ईएमएस के साथ दस साल का अनुबंध किया है। इस परियोजना का उद्देश्य पूरे राज्य में समय पर और सस्ती आपात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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