मुंबई – विशेष एनडीपीएस अदालत ने कुर्ला के पूर्व केमिस्ट शाकिर रेटीवाला को प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी के मामले में 15 साल कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। अदालत ने उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह कार्रवाई फरवरी 2020 में हुई गिरफ्तारी और भारी मात्रा में बरामद हुए कफ सिरप के आधार पर की गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले की पैरवी सरकारी वकील शंकर इरांडे ने की। रेटीवाला को 29 फरवरी 2020 को एंटी-नारकोटिक सेल (घाटकोपर यूनिट) की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया था। टीम शांता जोग मार्ग, तिलकनगर रोड (चेंबूर) पर गश्त कर रही थी, तभी रेटीवाला संदिग्ध अवस्था में दिखा।
तलाशी लेने पर उसके पास से 400 कफ सिरप की बोतलें (100-100 मिली) मिलीं। इसके बाद उसके निवास पर छापेमारी की गई, जहां से 6,640 अतिरिक्त बोतलें बरामद हुईं। सभी बोतलों में कोडीन फॉस्फेट पाया गया, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत नियंत्रित और प्रतिबंधित पदार्थ की श्रेणी में आता है।
जमानत याचिका हुई थी खारिज
दिसंबर 2020 में रेटीवाला ने जमानत याचिका दायर कर दावा किया था कि कफ सिरप कोई मादक पदार्थ नहीं है और उसे झूठा फंसाया गया है। अदालत ने यह कहते हुए जमानत खारिज कर दी थी कि बरामद बोतलों में मौजूद कोडीन फॉस्फेट एक मन:प्रभावी पदार्थ है और इसका अवैध व्यापार गंभीर अपराध माना जाता है।
अदालत का यह फैसला प्रतिबंधित कफ सिरप और अन्य नियंत्रित दवाओं की तस्करी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई का स्पष्ट संदेश देता है।
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