मुंबई। मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया। उनके आंदोलन के चलते पूरे शहर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई और बेस्ट की 60 से अधिक बस सेवाएं प्रभावित हुईं।
दोपहर बाद तक शहर के 21 प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन, मार्ग परिवर्तित या पूर्ण रूप से बंद करना पड़ा। सबसे ज्यादा असर दक्षिण और पूर्वी मुंबई में देखा गया। कार्यालय जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंदोलनकारियों की भीड़ के आज़ाद मैदान की ओर बढ़ने से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के आसपास, नरीमन प्वाइंट और क्रॉफर्ड मार्केट जैसे कारोबारी इलाकों में जाम लग गया। बेस्ट बस और टैक्सी पकड़ने में यात्रियों को दिक्कतें आईं।
अधिकारियों के अनुसार, वडाला, दादर, कुर्ला और मारोल डिपो से चलने वाली कई बस सेवाओं को या तो छोटा करना पड़ा या फिर पूरी तरह से रोक दिया गया।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों से दक्षिण मुंबई की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन और पार्किंग प्रतिबंध लागू किए।
जरांगे ने ऐलान किया है कि जब तक राज्य सरकार मराठा समाज की मांगें पूरी तरह स्वीकार नहीं करती, वह मैदान नहीं छोड़ेंगे। आंदोलन के कारण यातायात व्यवस्था अगले कुछ दिनों तक और प्रभावित रहने की संभावना जताई जा रही है।
0 टिप्पणियाँ