चेंबूर (मुंबई):
क्षेत्र में अवैध रूप से तैयार की जा रही ‘कच्ची पेप्सी’ का धंधा फिर चर्चा में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ जगहों पर मात्र 2–3 रुपये में मिलने वाला यह पेय बिना किसी फूड लाइसेंस, गुणवत्ता जांच या स्वच्छता मानकों के तैयार किया जा रहा है। इससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
स्थानीय नागरिक द्वारा खींची गई तस्वीर में एक स्कूटर पर बड़ी मात्रा में नीले बैग और प्लास्टिक के कंटेनर दिख रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर इसी नकली पेय को भरकर अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जाता है। बताया जा रहा है कि यह पूरा काम बिना किसी वैध पंजीकरण और सरकारी अनुमति के चल रहा है, जो सीधा खाद्य सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन है।
स्वास्थ्य के लिए खतरा
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ऐसी मिलावटी पेप्सी या अन्य ठंडे पेय पदार्थों में
दूषित पानी,
सस्ते रंग,
कृत्रिम रसायन
का उपयोग किया जाता है, जो पेट संबंधी बीमारियों, फूड-पॉइजनिंग और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
नागरिकों ने पुलिस और FDA से कार्रवाई की मांग की
चेंबूर के निवासियों ने स्थानीय पुलिस और FDA (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) से मांग की है कि
बिना लाइसेंस पेय पदार्थ बनाने वाले गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई हो,
माल सप्लाई करने वाले वाहनों की जांच की जाए,
और बाजारों में बिक रही संदिग्ध 'कच्ची पेप्सी' पर तुरंत रोक लगाई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध व्यापार न केवल लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि बच्चों और किशोरों में बीमारी फैलने का बड़ा कारण बन सकता है।
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