मुंबई। हवाई अड्डों पर खाने-पीने की ऊंची कीमतें लंबे समय से यात्रियों की परेशानी का कारण रही हैं। एक कप चाय या पानी की बोतल के लिए कई बार यात्रियों को 150 से 250 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं। ऐसे में आम यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर ‘उड़ान यात्री कैफे’ की शुरुआत की गई है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राम मोहन नायडू ने शुक्रवार को इस पहल का ई-उद्घाटन किया। इस योजना का मकसद हवाई यात्रा को मध्यमवर्गीय और पहली बार सफर करने वाले यात्रियों के लिए अधिक सुलभ बनाना है।
किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण नाश्ता
‘उड़ान यात्री कैफे’ में खाद्य पदार्थों की कीमतें बेहद कम रखी गई हैं। यहां चाय और पानी की बोतल मात्र 10 रुपये में उपलब्ध है, जबकि कॉफी, समोसा और वड़ापाव जैसे लोकप्रिय स्नैक्स 20 रुपये में मिल रहे हैं। रेलवे स्टेशनों की तर्ज पर तय की गई ये दरें यात्रियों को बड़ी राहत दे रही हैं।
कहां स्थित है कैफे?
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कैफे एयरपोर्ट के डिपार्चर एरिया में, बोर्डिंग गेट के पास स्थापित किया गया है। इससे यात्रियों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और वे अपने सफर से पहले किफायती नाश्ता कर सकते हैं।
देश के अन्य शहरों में भी विस्तार
‘उड़ान यात्री कैफे’ की शुरुआत सबसे पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से की गई थी। यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसे चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तक विस्तारित किया गया है। आने वाले समय में अन्य हवाई अड्डों पर भी इस सुविधा को शुरू करने की योजना है।
आम यात्रियों के लिए बड़ी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से हवाई यात्रा का खर्च कुछ हद तक कम होगा और आमजन का हवाई सफर के प्रति भरोसा बढ़ेगा। मध्यमवर्गीय परिवारों और पहली बार उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए यह कदम किसी राहत से कम नहीं है।
सरकार की यह पहल दर्शाती है कि हवाई यात्रा अब केवल उच्च आय वर्ग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर वर्ग के लोग सुविधाजनक और किफायती तरीके से उड़ान भर सकेंगे।
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