सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर इन दिनों एक कथित “19 मिनट का वायरल वीडियो” चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर मीम्स, प्रतिक्रियाओं और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। कई उपयोगकर्ता लगातार इस वीडियो से जुड़ी जानकारी तलाशते देखे गए, जिससे यह ट्रेंड तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बढ़ी हलचल
वीडियो के वायरल होने के तुरंत बाद कई प्लेटफ़ॉर्म्स पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला। उपयोगकर्ताओं द्वारा किए गए लगातार सर्च और शेयरिंग के कारण कुछ साइट्स की स्पीड भी प्रभावित हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सनसनीखेज सामग्री के वायरल होने पर इस तरह की स्थिति सामान्य होती है, लेकिन इससे गलत जानकारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
कथित 19 मिनट 34 सेकंड का वीडियो बना विवाद का कारण
सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रहा यह वीडियो एक जोड़े के निजी पलों से जुड़ा बताया जा रहा है। इसके सामने आने के बाद कुछ यूज़र्स ने वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान और निजी जानकारी खोजने का प्रयास किया, जिससे कई तरह की अफ़वाहें फैलने लगीं।
सोशल मीडिया पर चल रहे एक अन्य वीडियो में दावा किया गया कि वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की अब जीवित नहीं है और लीक करने वाला इसका जिम्मेदार है। हालांकि, जांच अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
जांच एजेंसियों ने अफ़वाहों को बताया बेबुनियाद
जांच से जुड़े अधिकारियों और सोशल मीडिया निगरानी टीमों ने स्पष्ट किया है कि
- वायरल हो रहा “मौत का वीडियो”
और - यह 19 मिनट का कथित एमएमएस
दोनों का आपस में कोई संबंध नहीं है।
दोनों को जोड़कर फैलाए जा रहे दावे सिर्फ़ भ्रम और क्लिकबेट सामग्री का हिस्सा हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
जनता से अपील: बिना सत्यापन किसी भी सामग्री को न करें साझा
विशेषज्ञों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि सोशल मीडिया पर फैल रही असत्यापित खबरों और वीडियो पर भरोसा न करें। किसी भी वायरल पोस्ट, लिंक या वीडियो को आगे भेजने से पहले विश्वसनीय स्रोतों से उसके बारे में जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि फेक न्यूज़ और गलतफहमी फैलने से रोका जा सके।
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