मुंबई:
लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों से अधिक वसूली की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने एक नया कदम उठाया है। अब ट्रेन के कैटरिंग स्टाफ की यूनिफॉर्म पर क्विक रिस्पॉन्स (QR) कोड वाले बैज लगाए जाएंगे, जिनके जरिए यात्री मेन्यू देख सकेंगे और डिजिटल भुगतान भी कर पाएंगे। यह पहल सबसे पहले मुंबई से चलने वाली ट्रेनों में शुरू की जाएगी।
IRCTC के ग्रुप जनरल मैनेजर गौरव झा ने mid-day.com से बातचीत में बताया,
“यात्री QR कोड स्कैन करके आधिकारिक मेन्यू और ताज़ा रेट देख सकते हैं। भुगतान भी सीधे आधिकारिक माध्यमों से किया जा सकेगा। यह व्यवस्था क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियों के दौरान लागू कर दी जाएगी।”
प्रीमियम ट्रेनों—जैसे वंदे भारत और राजधानी—में स्टाफ को नेवी-ब्लू जैकेट पहनाई जाएंगी, जिन पर हेल्पलाइन नंबर भी अंकित होगा। बाकी ट्रेनों में कैटरिंग स्टाफ को हल्के नीले रंग की टी-शर्ट दी जाएगी। इसके साथ ही IRCTC की ओर से QR कोड वाले पहचान पत्र भी अनिवार्य रूप से स्टाफ को दिए जाएंगे, जिन्हें ड्यूटी के दौरान पहनना जरूरी होगा।
नई यूनिफॉर्म के एक हिस्से में मेन्यू और अधिकृत भोजन दरें लिखी रहेंगी, जबकि दूसरे हिस्से में डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध होगी। IRCTC ने केंद्रीय और पश्चिम रेलवे के साथ मिलकर इस व्यवस्था को मुंबई से चलने वाली ट्रेनों में लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
यह सिस्टम लागू होने के बाद यात्रियों को पारदर्शी सेवा मिलेगी और अधिक वसूली की शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।
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