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मुंबई में सीएनजी आपूर्ति संकट: शहर की परिवहन व्यवस्था ठप, ड्राइवरों की रोज़ी-रोटी प्रभावित।


मुंबई, 17 नवंबर – मुंबई में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की आपूर्ति में बड़ी रुकावट के चलते शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस संकट का सबसे बड़ा असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। ऑटो रिक्शा, टैक्सी, ऐप-आधारित कैब और कुछ बेस्ट बसें सड़कों से गायब हो गई हैं।

यूनियन के अनुसार अगर सीएनजी आपूर्ति जल्द बहाल नहीं होती, तो शाम तक शहर की अधिकांश ऑटो-रिक्शा और टैक्सी सेवा ठप हो सकती है। मुंबई ऑटो रिक्शा और टैक्सी मेन यूनियन के अध्यक्ष शशांक राव ने चेताया, "स्थिति जल्द संभली नहीं तो लगभग सभी ऑटो और टैक्सियाँ सड़कों से हटा दी जाएंगी।"

मुख्य कारण:
राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के चेंबूर संयंत्र की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से वडाला स्थित कंप्रेश्ड गैस स्टेशन (CGS) तक गैस की आपूर्ति बाधित हो गई। इस वजह से महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) के वडाला स्टेशन पर प्रभाव पड़ा और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) के सभी 486 सीएनजी रिफिलिंग स्टेशन बंद हो गए।

एमजीएल ने बताया कि घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि घरों में गैस की कमी न हो। औद्योगिक और व्यावसायिक वाहनों को वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। कंपनी का कहना है कि मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है और 18 नवंबर से सामान्य आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है।

लाखों ड्राइवरों की रोज़ी-रोटी पर संकट
मुंबई में लगभग 30,000 टैक्सी, 2.80 लाख ऑटो-रिक्शा और ऐप आधारित कैबें सीएनजी पर निर्भर हैं। रिक्शा चालक यूनियन के नेता थंपी कुरियन ने एमजीएल से तत्काल वैकल्पिक समाधान खोजने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "दो दिन तक ऑटो सड़कों से दूर नहीं रखे जा सकते। इससे उपनगरों में कई ड्राइवरों की आजीविका प्रभावित होगी।"

सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में व्यवधान को कम करने और सीएनजी आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि शहर की रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य हो सके।


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