मुंबई। महाराष्ट्र की लाखों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी माझी लाडकी बहिण योजना के तहत 19वीं किस्त का वितरण 20 फरवरी 2026 से शुरू हो गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 27 फरवरी तक सभी पात्र महिलाओं के खातों में राशि जमा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार भी भुगतान सीधे बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो।
दो चरणों में होगा भुगतान
सरकार ने इस बार भुगतान प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए इसे दो हिस्सों में बांटा है।
पहला चरण: 20 फरवरी से शुरू हुए पहले चरण में उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है जिनका आधार सत्यापन, ई-केवाईसी और बैंक विवरण पूरी तरह से सही पाए गए हैं।
दूसरा चरण: 23 फरवरी से शेष पात्र महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की जाएगी।
हाल ही में हुई जांच में करीब 62 लाख अपात्र नाम सूची से हटाए गए हैं। अब लगभग 1.90 करोड़ महिलाएं ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर रही हैं।
इन जिलों में पहले पहुंचेगी राशि
राज्य के 25 जिलों का डेटा पहले ही सत्यापित हो चुका है। इन जिलों की महिलाओं को भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इनमें अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, धुले, गढ़चिरौली, गोंदिया, हिंगोली, जलगांव, जालना, कोल्हापुर, लातूर, मुंबई शहर, मुंबई उपनगरीय, नागपुर, नांदेड़, नासिक, पुणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सांगली, सतारा, सिंधुदुर्ग, सोलापुर और ठाणे शामिल हैं।
किसे मिलेंगे ₹3000?
कुछ महिलाओं को इस बार डबल लाभ मिलेगा। जिन लाभार्थियों को 18वीं किस्त तकनीकी कारणों या अधूरे सत्यापन की वजह से नहीं मिल सकी थी, उन्हें 18वीं और 19वीं दोनों किस्तें एक साथ जारी की जा रही हैं। ऐसे में उनके खातों में ₹3000 जमा होंगे। नियमित लाभार्थियों को ₹1500 की ही राशि मिलेगी।
पात्रता की मुख्य शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें अनिवार्य हैं:
महिला महाराष्ट्र की स्थायी निवासी हो।
आयु 21 से 65 वर्ष के बीच हो।
परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक न हो।
परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हो और आयकर दाता न हो।
परिवार के पास चार पहिया वाहन न हो (ट्रैक्टर को छूट)।
राशन कार्ड में नाम दर्ज हो, बैंक खाता आधार से लिंक हो और डीबीटी सुविधा सक्रिय हो।
ऐसे जांचें किस्त की स्थिति
लाभार्थी महिलाएं आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन कर ‘पेमेंट स्टेटस’ विकल्प के माध्यम से अपनी किस्त की स्थिति देख सकती हैं। आवेदन क्रमांक और आवश्यक विवरण दर्ज कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यदि मोबाइल पर एसएमएस प्राप्त न हो तो बैंक पासबुक अपडेट कराने या डिजिटल पेमेंट ऐप में ट्रांजेक्शन हिस्ट्री जांचने की सलाह दी गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास जारी है। 19वीं किस्त के भुगतान के साथ ही बड़ी संख्या में परिवारों को सीधी आर्थिक सहायता मिलेगी।
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