Ticker

6/recent/ticker-posts

Top ad

Responsive Advertisement

बारामती विमान हादसा: प्रारंभिक जांच में सामने आईं गंभीर खामियां।


महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर देने वाले बारामती विमान हादसे के एक महीने बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट में हादसे के कारणों को लेकर कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
इस दुर्घटना में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित दो पायलट, एक सुरक्षा कर्मी और एक फ्लाइट अटेंडेंट की दुखद मृत्यु हो गई थी।
इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, चार्टर्ड विमान बारामती हवाई पट्टी पर दूसरी बार इमरजेंसी लैंडिंग का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान विमान नियंत्रण से बाहर हो गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि हादसे के समय हवा सामान्य थी, लेकिन दृश्यता लगभग तीन किलोमीटर दर्ज की गई थी। कम दृश्यता और एयरस्ट्रिप पर उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं की कमी को दुर्घटना के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।
कॉकपिट रिकॉर्डिंग से मिले संकेत
दुर्घटना से ठीक पहले कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में पायलट की घबराहट भरी आवाज रिकॉर्ड हुई थी। हालांकि आग लगने के कारण रिकॉर्डर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। डेटा रिकवरी के लिए निर्माता कंपनी Honeywell की तकनीकी सहायता ली जा रही है।
सॉलिड स्टेट फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (SSDFDR) का डेटा डाउनलोड कर लिया गया है और उसका विश्लेषण जारी है। वहीं, सॉलिड स्टेट कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (SSCVR) के डेटा को निकालने में अमेरिकी एजेंसी National Transportation Safety Board की मदद ली जा रही है। यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन मानकों के तहत की जा रही है।
कंपनी और संचालन प्रक्रिया की जांच
जांच एजेंसी ने विमान संचालित करने वाली कंपनी के कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं। दुर्घटनास्थल से मिले मलबे को सुरक्षित स्थान पर रखकर तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है।
विमान की एयरवर्थिनेस, संचालन प्रक्रिया, मौसम संबंधी दस्तावेज और सुरक्षा प्रोटोकॉल की गहन समीक्षा की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं प्रक्रियात्मक या तकनीकी लापरवाही तो नहीं हुई।
डीजीसीए को सख्त सिफारिशें
AAIB ने अपनी सिफारिशों में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से कहा है कि उन हवाई पट्टियों पर लैंडिंग सहायता उपकरण और मौसम संबंधी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए, जहां निजी और चार्टर्ड उड़ानों की संख्या अधिक है।
साथ ही, अनियंत्रित हवाई पट्टियों को लाइसेंसिंग प्रक्रिया के दायरे में लाने और विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) के तहत संचालित उड़ानों के लिए सख्त मानक लागू करने की भी सिफारिश की गई है।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
यह रिपोर्ट प्रारंभिक है। अंतिम रिपोर्ट में विस्तृत तकनीकी विश्लेषण और जिम्मेदारी तय किए जाने की उम्मीद है। इस हादसे ने छोटे हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
देशभर की निगाहें अब अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस दुखद दुर्घटना की पूरी सच्चाई सामने ला सकती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ