क्राइम ब्रांच यूनिट II की बड़ी कार्रवाई, ₹1.25 करोड़ का सोना बरामद।
नवी मुंबई की क्राइम ब्रांच यूनिट II ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है जो पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को ठगता था। आरोपी की पहचान सज्जाद गरीबशाह इरानी (47) के रूप में हुई है, जो पुणे के कोंढवा का निवासी है और मूल रूप से अहमदनगर जिले के श्रीरामपुर का रहने वाला है। पुलिस ने उसे पुणे से गिरफ्तार किया।
खारघर में बुजुर्ग से ठगी की वारदात
31 जुलाई को खारघर इलाके में 68 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक पवन कुमार रामावतार केजरीवाल अपने घर के सामान की खरीदारी कर रहे थे, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें रोका। उस व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए एक नकली आईडी कार्ड दिखाया और कहा कि “रमेश पाटिल नामक व्यक्ति के घर से गांजा मिला है, इसलिए जांच चल रही है।”
जांच का नाटक रचते हुए उसने केजरीवाल से कहा कि वे अपनी सोने की चेन और अंगूठी (कुल कीमत ₹1.5 लाख) एक थैली में रख दें। जैसे ही केजरीवाल ने ऐसा किया, आरोपी थैली लेकर फरार हो गया।
इस मामले में खारघर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
20 दिन चली जांच और कई शहरों में फैला जाल
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) दीपक सकोरे और डीसीपी (क्राइम) सचिन गुंजाल के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच यूनिट II की टीम ने जांच शुरू की।
टीम ने खारघर से लेकर लोनावला और पिंपरी-चिंचवड तक के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिससे आरोपी द्वारा इस्तेमाल की गई टीवीएस अपाचे बाइक (MH 15 BA 1617) की पहचान हुई।
सूचना मिलने पर 12 अक्टूबर को पुणे में आरोपी की पत्नी फिजा सज्जाद इरानी को उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह चोरी के गहने बेचने की कोशिश कर रही थी।
₹1.25 करोड़ के गहने और नकली दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से 1,186 ग्राम सोने के गहने — जिनमें कंगन, नेकलेस, मंगलसूत्र, चेन, ईयररिंग, पेंडेंट और अंगूठियां शामिल हैं — बरामद किए।
इसके अलावा पुलिस ने फर्जी पुलिस आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की।
कुल जब्त माल की कीमत करीब ₹1.25 करोड़ बताई जा रही है।
पूरे महाराष्ट्र में फैला ठगी का नेटवर्क
पूछताछ में सज्जाद इरानी ने नवी मुंबई के कई इलाकों में अपने साथियों के साथ ऐसी ही वारदातें करने की बात कबूल की।
डीसीपी (क्राइम ब्रांच) सचिन गुंजाल ने बताया कि आरोपी खारघर, पनवेल, कामोठे, खांदेश्वर, नेरुल, सानपाड़ा, सीबीडी, राबले और जलगांव जैसे इलाकों में हुई करीब 15 ठगी की वारदातों में शामिल रहा है।
इतना ही नहीं, आरोपी के खिलाफ अब तक 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें महाराष्ट्र नियंत्रण संगठित अपराध अधिनियम (MCOCA) के तहत दर्ज प्रकरण भी शामिल हैं।
पुलिस हिरासत में मास्टर ठग
पुलिस ने सज्जाद इरानी को 28 अक्टूबर को गिरफ्तार किया और अदालत ने उसे 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
डीसीपी गुंजाल ने बताया, “आरोपी ने पुलिस अधिकारी का रूप धरने की कला में महारत हासिल कर रखी थी और मासूम नागरिकों को निशाना बनाता था। उसकी गिरफ्तारी से नवी मुंबई में दर्ज कई ठगी और फर्जीवाड़े के मामलों का खुलासा हुआ है।”
टीम की कामयाबी
यह सफल ऑपरेशन एसीपी (क्राइम) अजयकुमार लांजे के मार्गदर्शन और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल पाटिल के नेतृत्व में किया गया।
टीम में पीएसआई एकनाथ देसाई, एपीआई देशमुख तथा पुलिसकर्मी धनवटे, दूधल, जोशी, पाटिल, जेजुरकर, पांचाल, चंदगीर, सावंत, मोरे, गायकवाड़, तांदले, भोये और गायकवाड़ शामिल थे।
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