मुंबई। महाराष्ट्र सरकार द्वारा वर्षों पहले लगाया गया सिंगल-यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध अब सिर्फ़ काग़ज़ों में सिमटता दिखाई दे रहा है। एक ताज़ा सर्वे ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है, जिसमें खुलासा हुआ है कि महानगर के अधिकांश बाज़ारों, दुकानों और सब्ज़ी मंडियों में प्लास्टिक का बेधड़क इस्तेमाल जारी है।
सर्वे के अनुसार, शहर के बड़े इलाकों में न सिर्फ़ प्लास्टिक बैग खुलेआम दिए जा रहे हैं, बल्कि दुकानदारों और ग्राहकों—दोनों को इस पर किसी प्रकार का डर भी नहीं है। कई जगहों पर तो प्लास्टिक इस्तेमाल को लेकर चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगे मिले।
कानून सख्त, लेकिन ज़मीनी निगरानी बेहद कम
रिपोर्ट के अनुसार, बीएमसी और संबंधित विभागों ने भले ही भारी जुर्माने का प्रावधान रखा हो, लेकिन रोज़मर्रा की जांच-पड़ताल बेहद कम होती है। यही कारण है कि छोटी दुकानों से लेकर बड़े मार्केट तक प्लास्टिक थैलियां फिर से आम हो गई हैं।
दुकानदारों की दलील—काग़ज़ के बैग महंगे
कई छोटे व्यापारियों ने बताया कि विकल्प के तौर पर मिलने वाले काग़ज़ या कपड़े के बैग उनकी जेब पर भारी पड़ते हैं। इसलिए वे प्लास्टिक का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं, क्योंकि ग्राहक भी अतिरिक्त पैसे देने को तैयार नहीं होते।
पर्यावरण विशेषज्ञों की चेतावनी
पर्यावरण विशेषज्ञों ने कहा है कि इस स्थिति में मुंबई का कचरा प्रबंधन फिर से संकट में घिर सकता है। प्लास्टिक की वापसी से समुद्र में कचरा बढ़ने और नालों के चोक होने का खतरा है, जिससे बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन बोला—कड़ाई बढ़ाई जाएगी
बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि सर्वे की रिपोर्ट पर संज्ञान लिया गया है और आने वाले दिनों में निगरानी अभियान और सख्त किया जाएगा। जुर्माने की कार्रवाई को तेज किया जाएगा और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।